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नूतन सिदार जिला जनसम्पर्क अधिकारी के विरुद्ध पत्रकारों ने कलेक्टर को मुख्यमंत्री के नाम सौपे ज्ञापन



जशपुर 11 सितंबर 2025 : माननीय मुख्यमंत्री, छत्तीसगढ शासन के गृह जिले में जिला जनसम्पर्क अधिकारी नूतन सिदार के द्वारा स्थानीय पत्रकारों को सच को सामने लाने पर करोड़ों की मानहानि का दावा कर नोटिस जारी किया गया है। जिसको लेकर जशपुर जिले के सभी पत्रकारो के आलावा पुरे छत्तीसगढ़ भर के पत्रकारों मे आक्रोश व्याप्त है। जिसको लेकर 10 सितंबर को एक दिवसीय जशपुर मे धरना प्रदर्शन किया गया। जिसमे छत्तीसगढ़ भर से पत्रकारों की उपस्थिति रही है।

बता दे कि कल 10 सितंबर 2025 को जिला जशपुर के पत्रकारों द्वारा जनसम्पर्क अधिकारी नूतन सिदार के विरुद्ध ज्ञापन कार्यक्रम चलाया गया। जिसमे इस दौरा सभी की सहमति से महत्वपूर्ण निर्णय लेकर जिला कलेक्टर, जशपुर को ज्ञापन सौंपा गया।

नूतन सिदार जिला जनसम्पर्क अधिकारी प्रति पत्रकारों का आरोप :

गौरतलब हो कि निर्णय मे मुख्यमंत्री के गृह जिले जशपुर में पत्रकारों को करोड़ों की मानहानि नोटिस एवं आत्महत्या में फँसाने की धमकी देकर लोकतंत्र पर हमला दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई करने की मांग मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय जी से किया गया है। जिसमे कहां गया है कि
सविनय निवेदन है कि मुख्यमंत्री के गृह जिले जशपुर में पत्रकारों के साथ धोर अन्याय और लोकतंत्र पर सीधा हमला हुआ है। जिसमें
1. जनसंपर्क विभाग की सहायक संचालक नूतन सिदार ने अपने अधीनस्थ कर्मचारी की शिकायत का दुरुपयोग कर पत्रकारों को एक-एक करोड़ रुपये के मानहानि नोटिस भेजे।
2 पत्रकारों को फोन पर आत्महत्या में फँसाने की धमकी दी गई, जो न केवल धौर आपराधिक कृत्य है बल्कि प्रेस की स्वतंत्रता पर हमला भी है।
3. शासकीय ग्रुप का निजीकरण कर पत्रकारों का अपमान किया गया। इस दौरान कलेक्टर जशपुर रोहित व्यास भी मौजूद थे, फिर भी प्रशासन के द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की गयी।
4. यह पूरा घटनाक्रम जनसंपर्क विभाग और उसके शीर्ष नेतृत्व की कार्यशैली पर गंभीर प्रश्न खड़ा करता है।
5. पत्रकार को अपराधी शब्द लिख कर सम्बोधित किया।

नूतन सिदार के खिलाफ पत्रकारों की मांग :

1. सहायक संचालक नूतन सिदार के विरुद्ध तत्काल अपराध पंजीबद्ध कर सेवा से बर्खास्तगी की जाए।
2. विभागीय सर्वोच्च अधिकारी जनसंपर्क आयुक्त इस शर्मनाक प्रकरण के लिए सार्वजनिक माफीनामा जारी करें।
3. चूंकि विभाग माननीय मुख्यमंत्री जी का है और संवाद प्रमुख डॉ रवि मित्तल के कंधों पर उनकी छवि को सुधारने का दायित्व प्रमुख रूप से दिया गया है विभाग के एक अधिकारी के द्वारा पत्रकारों को फसाने की साजिश की जा रही है इसलिए सार्वजनिक रूप से संवाद प्रमुख को माफीनाम देना होगा ।।
4. इस प्रकरण की विशेष उच्च स्तरीय जांच समिति गठित कराई जाए ताकि दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा मिल सके।
5. यह घटनाक्रम सिविल सेवा आचरण नियम 1964 एवं 1965 का खुला उल्लंघन है। अतः इस आधार पर भी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए।जिला जनसम्पर्क

ज्ञात हो कि यह केवल जशपुर एक जिले का मामला नहीं है। अपितु संपुर्ण छत्तीसगढ़ में यही हाल है। जो लोकतंत्र और पत्रकारिता की स्वतंत्रता के लिए खतरे की घंटी है। यदि शासन-प्रशासन द्वारा त्वरित और कठोर कार्रवाई नहीं की जाती है। तो यह संदेश जाएगा कि सरकार पत्रकारों की कलम तोड़ने की मुहिम चला रही है। इस पर उपस्थित पत्रकारों ने जिला कलेक्टर के माध्यम से छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय जी से निवेदन किया है कि उपरोक्त माँगों पर तुरंत संज्ञान लेते हुए। जिला जनसम्पर्क अधिकारी नूतन सिदार के साथ दोषियों पर कठोरतम कार्रवाई की करे।जिससे पत्रकारिता की अस्मिता सुरक्षित हो सके।जिला जनसंपर्क के इस अवसर पर जिनके उपस्थिति के साथ महत्वपूर्ण योगदान रहा है।

उन्मे जितेन्द्र कुमार जायसवाल, कसं पंकज सिंह, नशेवर पापमावत,पियर बुगर, पत्र, कार्तिकाम पोते, तेजकुमार साबू, अजीत, रोहित चौहान, रवि मधुर नारायणी, एस-संतोष कुमार, सुहीन जायसवाल, सदाल अंसारी, दीपक वत्र, भवदीय, संयुक्त पत्रकार संघ जशपुर, छत्तीसगढ़ आदि रहे।

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