लूंड्रा में 9 साल से जमे RES के SDO, ट्रांसफर नीति पर उठे सवाल?
सरगुजा।

( लूंड्र,अंबिकापुर सरगुजा छत्तीसगढ़) में प्रशासनिक पारदर्शिता और जवाबदेही को लेकर सरकार लगातार “जीरो टॉलरेंस” की नीति की बात करती रही है। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की जिम्मेदारी भी उपमुख्यमंत्री Vijay Sharma के पास है। लेकिन सरगुजा जिले के लूंड्रा जनपद से सामने आया एक मामला प्रशासनिक व्यवस्था की कार्यप्रणाली पर कई सवाल खड़े कर रहा है।
सूत्रों के अनुसार ग्रामीण यांत्रिकी सेवा (RES) विभाग में पदस्थ एक SDO 1 अगस्त 2016 से लगातार लूंड्रा में ही पदस्थ हैं। यानी लगभग 9 वर्षों से अधिक समय से वे एक ही स्थान पर कार्यरत हैं।
आमतौर पर शासन की ट्रांसफर नीति के अनुसार किसी भी अधिकारी को एक ही स्थान पर लंबे समय तक बनाए नहीं रखा जाता, ताकि प्रशासनिक पारदर्शिता बनी रहे और स्थानीय स्तर पर प्रभाव या हितों का टकराव न हो।

सामान्यतः यह अवधि तीन वर्ष के आसपास मानी जाती है।
ऐसे में सवाल यह उठने लगे हैं कि आखिर किन परिस्थितियों में यह अधिकारी इतने लंबे समय से एक ही स्थान पर पदस्थ बने हुए हैं। स्थानीय स्तर पर चर्चाएं यह भी हैं कि क्या उन्हें किसी प्रकार का राजनीतिक या प्रशासनिक संरक्षण प्राप्त है।
इस संबंध में जब RES विभाग के कार्यपालन अभियंता (EE) सरगुजा से बात की गई तो उन्होंने बताया कि स्थानांतरण से जुड़े निर्णय शासन स्तर पर लिए जाते हैं और विभाग की ओर से समय-समय पर लंबी अवधि से पदस्थ अधिकारियों की जानकारी शासन को भेजी जाती है।
फिर भी यह प्रश्न अब भी बना हुआ है कि यदि शासन के पास यह जानकारी मौजूद है, तो संबंधित अधिकारी का स्थानांतरण अब तक क्यों नहीं किया गया।
लूंड्रा का यह मामला अब प्रशासनिक हलकों में चर्चा का विषय बन गया है। अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या सरकार इस पर संज्ञान लेकर कोई कार्रवाई करती है या यह मामला यूं ही चर्चा तक सीमित रह जाता है।
