स्व-सहायता समूह से सशक्त हुई अनिता
बिहान योजना से संवरा जीवन


बीसी सखी के रूप में निभा रही वित्तीय समावेशन में भूमिका
बलरामपुर, 03 मार्च 2026/ जिले के राजपुर विकासखण्ड के ग्राम पंचायत कोटडीह निवासी श्रीमती अनिता गुप्ता ने समूह से जुड़कर अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को सुधारने में सहयोग दिया है। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत समूह से जुड़ने से पहले अनिता का परिवार कृषि कार्य पर ही निर्भर था। जिससे मुश्किलों से ही परिवार का खर्च निकल पाता था। तब अनिता ने सिलाई कार्य शुरू किया लेकिन काम सीमित होने के कारण आय कम थी। सिलाई से होने वाली आय दैनिक खर्चों में ही खत्म हो जाती थी। जिससे किसी भी प्रकार की बचत नहीं हो पाती थी और बच्चों की भविष्य की चिंता बनी रहती थी।
अनीता ने आय में बचत के लिए 10 अन्य महिलाओं के साथ मिलकर भोले बाबा महिला स्व-सहायता समूह का गठन किया। समूह में छोटी-छोटी बचत करने के साथ ही बिहान योजना के तहत बीसी सखी प्रशिक्षण के बारे में जानकारी मिली। अनीता ने ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण केन्द्र से बैंकिंग का प्रशिक्षण लिया। उन्होंने परीक्षा पास कर बैंकिंग कार्य करने की योग्यता प्राप्त की।
श्रीमती अनिता गुप्ता बताती है कि उन्होंने बिहान से 68 हजार रूपये का ऋण लेकर लेपटॉप और आवश्यक उपकरण खरीदी और छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण बैंक की कियोस्क बीसी सखी के रूप में प्रारंभ की। बीसी सखी के रूप में काम करते हुए अनिता ने अपनी आय की बचत की और समय-समय पर ऋण भी लिया। उन्होंने ग्राम कोदौरा में भूमि लेकर अपना स्वयं का भवन निर्माण कर दुकान शुरू किया और व्यवसाय का विस्तार करते हुए किराना दुकान, कपड़ा सिलाई, बीसी सखी के रूप में बैंकिंग सेवाएं दे रहीं हैं और आस-पास के ग्राम पंचायतों में विभिन्न पेंशन, मनरेगा, मजदूरी और बचत खाते खोलने जैसी बैंकिंग सुविधाएं घर-घर जाकर वित्तीय समावेशन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। वर्तमान में अनिता हर महीने लगभग 20 से 25 हजार की आय प्राप्त हो रही है। इससे अनीता का परिवार खुशहाल पूर्वक जीवन जी रहा है
