कृषि उपज मंडी समिति की भूमि पर कब्जा: शिकायतों के बावजूद प्रशासन चुप



रामानुजगंज शहर में शासकीय भूमि पर लगातार हो रहा अतिक्रमण प्रशासन के लिए गंभीर चिंता का विषय बन गया है। शहर के किनारे स्थित वार्डों में जहां तेजी से सरकारी जमीन पर कब्जे बढ़ते जा रहे हैं, वहीं शहर के बीचोंबीच, थाना से मात्र 500 मीटर की दूरी पर स्थित मंडी बोर्ड की भूमि पर भी अवैध निर्माण कर अतिक्रमण कर लिया गया है। इस संबंध में स्थानीय नागरिकों द्वारा कई बार एसडीएम और कलेक्टर को शिकायतें दी गईं, लेकिन अब तक ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।
सूत्रों के अनुसार, कुछ वर्ष पूर्व तात्कालिक एसडीएम गौतम सिंह ने मौके पर पहुंचकर अतिक्रमण को हटवाया था और भूमि को मंडी बोर्ड के सुपुर्द किया गया था। इसके बावजूद, कुछ प्रभावशाली लोगों ने दोबारा उस भूमि पर कब्जा कर लिया है। मंडी बोर्ड के अधिकारियों का कहना है कि उन्होंने इस संबंध में राजस्व विभाग को शिकायत भेजी है, लेकिन विभागीय स्तर पर कार्रवाई नहीं होने से अतिक्रमणकारियों के हौसले बुलंद हैं।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि समय रहते प्रशासन ने कार्रवाई नहीं की, तो शासकीय भूमि पूरी तरह से निजी कब्जे में चली जाएगी। लोगों ने मांग की है कि राजस्व विभाग, पुलिस और नगर प्रशासन संयुक्त कार्रवाई कर इस अतिक्रमण को तत्काल हटाए, ताकि सरकारी संपत्ति की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। प्रशासनिक लापरवाही और राजनीतिक संरक्षण के कारण अतिक्रमण की यह समस्या लगातार बढ़ती जा रही है, जिससे न केवल सरकारी भूमि खतरे में है बल्कि कानून व्यवस्था पर भी प्रश्नचिह्न खड़ा हो रहा है।
