ग्राम पंचायतों में 15वें वित्त आयोग की राशि में अनियमितता का आरोप, पत्रकार ने की निष्पक्ष जांच की मांग

ढेलो बघेल- बलरामपुर🇮🇳 🇮🇳
सरगुजा ज़िले के लखनपुर जनपद पंचायत क्षेत्र से भ्रष्टाचार का एक बड़ा मामला सामने आया है। आरोप है कि 15वें वित्त आयोग के तहत ग्राम पंचायतों को भेजी गई राशि का सही उपयोग न होकर उसका गलत वितरण और दुरुपयोग किया गया है।
स्थानीय सूत्रों और ग्रामीणों के मुताबिक, यह राशि गाँवों के विकास, बुनियादी सुविधाओं के विस्तार और जनहित के कार्यों के लिए भेजी गई थी। लेकिन ज़मीनी स्तर पर न तो कार्य पूरे हुए हैं और न ही पारदर्शिता दिखाई दी है।
कई पंचायतों में यह पाया गया है कि प्रशासनिक मद की राशि को बिना ग्रामसभा की स्वीकृति और बिना बैठक के ही खर्च दिखा दिया गया। कुछ जगहों पर फर्जी बिल और कागज़ी कामों के ज़रिए भुगतान कर राशि निकालने के आरोप भी लगे हैं।
स्थानीय पत्रकार की पहल
एक स्थानीय पत्रकार ने कई पंचायतों के दस्तावेज़ों की जांच की, जिसमें अनियमितताओं के स्पष्ट संकेत मिले हैं। पत्रकार का कहना है —
“हमने कई जगहों पर रिकॉर्ड खंगाले हैं। कागज़ों में करोड़ों के कार्य दिखाए गए हैं, लेकिन ज़मीनी हकीकत में कुछ भी नहीं हुआ। जनता को कोई लाभ नहीं मिल रहा है। हमने इसकी शिकायत जिला सीईओ को दी है और मांग की है कि जांच अंबिकापुर मुख्यालय से गठित स्वतंत्र टीम के माध्यम से कराई जाये
प्रशासन की चुप्पी और आगे की उम्मीदें
मामले की गंभीरता को देखते हुए पत्रकार ने जिला मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) को एक लिखित आवेदन सौंपा है, जिसमें निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की गई है।
हालांकि अब तक प्रशासन की ओर से किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन ग्रामीणों का कहना है कि अगर निष्पक्ष जांच हुई तो कई पंचायतों में भ्रष्टाचार की गहराई और भी उजागर हो सकती है
लखनपुर से यह एक बड़ी और गंभीर रिपोर्ट है, जो ग्राम स्तर पर व्याप्त अव्यवस्था और वित्तीय अनियमितताओं पर गंभीर सवाल खड़े करती है। अब सबकी नज़र जिला प्रशासन पर है — देखना यह होगा कि कार्रवाई होती है या मामला फिर से फाइलों में दबकर रह जाता है।
