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बलरामपुर में युवक ने कलेक्टर कार्यालय के सामने कराया मुंडन, निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर सौंपा ज्ञापन


बलरामपुर में एक युवक ने कथित झूठे प्रकरण में फंसाए जाने का आरोप लगाते हुए कलेक्टर कार्यालय के सामने मुंडन कराकर विरोध प्रदर्शन किया। युवक ने निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए ज्ञापन सौंपा और कार्रवाई नहीं होने पर पदयात्रा एवं धरना देने की चेतावनी दी। मामला न्यायालय में लंबित है।
छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले में विरोध प्रदर्शन का एक अनोखा मामला सामने आया है। रामानुजगंज निवासी राहुल जीत सिंह ने कलेक्टर कार्यालय के सामने मुंडन कराकर प्रशासन को ज्ञापन सौंपा और अपने खिलाफ दर्ज मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। प्रदर्शन के बाद यह घटना जिले में चर्चा का विषय बन गई है।
राहुल जीत सिंह का आरोप है कि उन्हें एक झूठे मामले में फंसाकर जेल भेजा गया था। उनका कहना है कि वे किसी विशेष राहत की मांग नहीं कर रहे हैं, बल्कि केवल पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच चाहते हैं ताकि सच्चाई सामने आ सके।

राहुल के अनुसार, कुछ समय पहले रामानुजगंज स्थित एक चाय दुकान पर उनका फूड इंस्पेक्टर के साथ विवाद हुआ था। इसी घटना के बाद उनके खिलाफ गंभीर धाराओं, जिनमें अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के प्रावधान भी शामिल हैं, के तहत मामला दर्ज किया गया। इसके बाद उन्हें जेल भी जाना पड़ा।

जेल से रिहा होने के बाद राहुल सीधे कलेक्टर कार्यालय पहुंचे और विरोध स्वरूप अपना मुंडन कराया। उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा कि मामला वर्तमान में न्यायालय में विचाराधीन है, इसलिए वे उसके तथ्यों पर अधिक टिप्पणी नहीं करना चाहते। हालांकि उनका कहना है कि उनके साथ अन्याय हुआ है और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि किसी भी पक्ष की गलती सामने आती है तो उसके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

राहुल जीत सिंह ने प्रशासन को चेतावनी भी दी है कि यदि उनकी मांग पर उचित कार्रवाई नहीं हुई तो वे आंदोलन को और तेज करेंगे। उन्होंने कहा कि आवश्यकता पड़ने पर वे बलरामपुर से अंबिकापुर तक पदयात्रा करेंगे और कमिश्नर कार्यालय के सामने धरना प्रदर्शन करेंगे।

कलेक्ट्रेट परिसर में हुए इस अनोखे विरोध प्रदर्शन को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग एकत्र हो गए। युवक द्वारा मुंडन कराकर विरोध दर्ज कराने की घटना पूरे जिले में चर्चा का विषय बनी हुई है।

फिलहाल इस मामले में प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। वहीं, चूंकि संबंधित प्रकरण न्यायालय में लंबित है, इसलिए मामले के तथ्यों और आरोपों पर अंतिम निर्णय न्यायिक प्रक्रिया और जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। अब सभी की नजर प्रशासन की आगामी कार्रवाई और जांच प्रक्रिया पर टिकी हुई है।

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